तेजस्वीता + तपस्वीता + तत्परता = पुष्टि युवा. _________गो.हरिराय..

Friday, May 8, 2009

नरसिंह जयन्ति

आज नरसिंह जयन्ति है। आज नरसिंह भगवान को जन्म भयो दूष्ट को दमन करवे के लिये,जब जीव के पाप बढ जाय है,तब वो भक्त कूं कष्ट दे है,ओर पापाचरण करके अहंकार करे है।वाके दया,क्षमा जेसे गुण सब नष्ट हो जाय है। मद में आके वों कोइ की बात मानें नही है, ऐसे दूंष्ट जीव कूं समजानो कठीन होय जाय है।ऐसे अधर्मी जीव कूं क्षमा नही की जाय है, वाको तो संहार ही कीयो जाय है,जो अपने बालक के प्रति दया,प्रेम नही कर सके वो दूसरे के प्रति का दया-प्रेम करेगो,वो तो बस पाप ही करेंगो, भक्त द्रढाआश्रयी होवे है,जीतनो भी दू:ख जीवन में आवे परंतु प्रभु सु कभी दू:ख दूर करवे की याचना नही करं है,वो दू:ख सहन कर सदा स्मरण ही करते रहे है, जो जीव प्रभु को स्मरण करे वाके साथ प्रभु हे ओर वाकी क्षण क्षण में रक्षा करें है, भक्त प्रहलाद के लिये नरसिंह रुप धरिके वाके पिता हिरणाकषीपु कूं डरावे तथा मारवे ओर भक्त कूं तारवे, प्रहलाद की भक्ति सुं प्रसन्न होयके भगवान नरसिंह रुप धरिके भवन के खंभ में सु प्रकट भये,सबन कूं दर्शन दीये, वो बेला सांज की थी, देवता पुष्प वृष्टि करवे लगे,गंधर्वगान करवे लगे,अप्सरा नृत्य करवे लगी,साधुजन जय हो जय धोष करवे लगे,सबन कूं आनंद भयो ओर दूष्ट हिरणाकषीपु कुं दू:ख भयो,भयभीत भयो ओर काल मृत्यु दीखवे लगी,तब भगवान ने द्वार की देहली पे अपनी जंधानपे बीठाके अपने नखन सूं वाकूं चिर दीयो, ब्रम्हाजी को वरदान भी रह्यो ओर दैत्य को वध भयो।ऐसे दूष्ट जीव न के संहार के लिये ओर भक्तन की रक्षा करवे के लिये ही भगवान अवतार लियो करे है।ऐसे प्रभु के परम प्रिय भक्त प्रहलाद की यह पुष्टि भक्ति है। बोलो श्री नरसिंह भगवान जी जय हो.......

लेखक- आचार्यश्री विजयकुमारजी महाराजश्री{कडी-अहमदाबाद्}

1 comment:

  1. Danwat J J.
    i never knew abt this festival………..thanx jj for explaining this festival through this blog and the story behind this festival. J, i’m very much thankful to you for all your online vachnamruts..

    Dandwat.
    FROM-Cetan Patel

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